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आरटीपीएस काउंटर से वसूले गए 89 लाख रुपये गायब, भोजपुर जिला परिवहन कार्यालय में गबन का बड़ा खुलासा
- Reporter 12
- 05 Feb, 2026
भोजपुर। बिहार में सरकारी राजस्व की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भोजपुर जिला परिवहन कार्यालय से जुड़े मोटर वाहन कर गबन मामले ने प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। जांच में सामने आया है कि आरटीपीएस काउंटर के जरिए मोटर वाहन कर के रूप में वसूली गई करीब 89 लाख रुपये की राशि आज तक सरकारी खाते में जमा नहीं की गई। इस मामले में तत्कालीन डाटा एंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह पर सरकारी राजस्व हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। विभागीय जांच के अनुसार मोटर वाहन कर के रूप में कुल ₹89,11,698 की वसूली की गई थी, लेकिन रिकॉर्ड मिलान के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह रकम सरकारी खजाने तक पहुंची ही नहीं। भुगतान रसीदों और कोषागार में जमा राशि के आंकड़ों में भारी अंतर पाए जाने के बाद पूरे मामले की गहन जांच शुरू की गई, जिसमें लेन-देन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित अवधि में टैक्स वसूली नियमित रूप से होती रही, लेकिन राशि जमा करने की प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिवहन कार्यालय ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में आरोपी के स्थायी पते पर नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो इसे सरकारी राशि का गबन मानते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद आरोपी ने न तो कोई जवाब दिया और न ही वसूली गई राशि लौटाने की पहल की। लगातार चुप्पी और तथ्यों की पुष्टि के बाद विभाग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि सरकारी राजस्व का गबन किया गया है। इसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी भोजपुर ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित थाना को पत्र भेजा है, जिसमें आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, गबन की गई सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। इस प्रकरण ने न सिर्फ परिवहन विभाग बल्कि आरटीपीएस काउंटरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी बड़ी रकम लंबे समय तक कैसे गायब रही और समय रहते इसकी निगरानी क्यों नहीं हो सकी। माना जा रहा है कि इस मामले के बाद परिवहन विभाग अन्य जिलों में भी टैक्स वसूली और जमा प्रक्रिया की जांच तेज कर सकता है। अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि इस गबन में और कौन-कौन जिम्मेदार रहे
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